Tuesday, 28 April 2015

एकजुटता के लिये Kavita Mukhar जी का आह्वान



प्रिय मित्र, आज देश में किसानों की आत्महत्या की आँधी बह रही है और इसने इस तन्त्र के मुखौटे को तार-तार कर दिया है. ऐसे में एकजुटता के लिये आज Kavita Mukhar जी का यह आह्वान आया है. हम सबने अब तक जो भी प्रयास किया है, उसकी ही अगली कड़ी के रूप में मैं इस आह्वान को आप तक पहुँचा रहा हूँ. मेरा निवेदन है कि इस प्रस्ताव पर पूरी गम्भीरता के साथ विचार करें, अन्य मित्रों के साथ इसे शेयर करें और इसके लिये आवश्यक पहल अपने स्तर पर अवश्य लें. वरना हम सभी इतिहास के अपराधी कहे जायेंगे. विनम्रता के साथ - आपका गिरिजेश

Kavita Mukhar - "फेसबुक से किसी सर्वप्रिय सजग व्यक्ति को यह जिम्मा उठाते हुए क्रांति का एक पेज बनाए और फेसबुक नागरिकों की शक्ति को chanellise करे।
तारीख तय करे। एक से logo और maximum शेयर इसकी पहचान बने। इतनी कि nationwide notice हो!
फेसबुक नागरिकों को झंडा उठाना होगा। यही समूह सबसे ज्यादा युवा है और सजग भी है। जरूरत एक नेतृत्व की है।"

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प्रिय मित्र, आप सभी मित्रों से अनुरोध है कि एकजुटता का मंच विकसित करने के लिये इस प्रस्ताव पर विचार करें और अपनी सहमति से अवगत करायें, ताकि आपके भी नाम इस सूची में जोड़े जा सकें.
[कृपया अपने ई-मेल ऐड्रेस तथा फेसबुक लिंक के साथ अपना टेलीफोन नम्बर भी इनबॉक्स में भेज दें, ताकि भविष्य में एकजुटता के इस अभियान के सम्बन्ध में होने वाली प्रगति से आपको अवगत कराना आसान हो सके.]

एकजुटता का मंच विकसित करने हेतु प्रस्ताव

संघ-परिवार के मुखौटे मोदी के सत्तासीन होने के साथ ही देश के सामान्य जन के जीवन की परिस्थिति और भी बदतर हो चुकी है. अब लोगों को देशी और विदेशी पूँजी के सतत जारी शोषण और उत्पीड़न के साथ ही साम्प्रदायिकता के आधार पर भी बाँटने की सुनियोजित साजिश के हमलों को भी झेलना है.

यह स्थिति सभी जनपक्षधर संघटनों तथा ईमानदार कार्यकर्ताओं से उनके परस्पर मतभेदों के बावजूद भी एकजुट होने की माँग करती है. ऐसे में सभी संघर्षरत लोगों के मत एवं उनकी अवधारणाओं को समझने और विकसित करने के लिये तथा पूरी दुनिया में चल रहे जन-संघर्षों को समर्थन देने के लिये एकजुटता-मंच तैयार करने की ज़रूरत है.

विभिन्न प्रकार के शोषण और उत्पीड़न के विरुद्ध संघर्ष में समान्तर मीडिया जन-सामान्य के एक सशक्त हथियार के रूप में उभर कर सामने आया है – इस तथ्य पर विचार करने के पश्चात् प्रथम चरण के तौर पर जन-जीवन के प्रासंगिक मुद्दों से सम्बन्धित बहस को आगे बढ़ाने के लिये एक ब्लॉग बनाने पर सहमति बनी. हालाँकि विचारणीय है कि फ़ेसबुक जैसे सोशल मीडिया को साम्राज्यवादी शक्तियाँ जीवन-संघर्ष से लोगों का ध्यान बँटाने, उनकी सोच को विकृत और दिग्भ्रमित करने की मंशा से प्रोत्साहन और समर्थन देती रही हैं. इसके बावज़ूद भी लोगों ने अपने संघर्षों में इनका बखूबी इस्तेमाल किया है.

बैठक के अगले निर्णय के रूप में ज़मीनी स्तर पर मज़दूरों, ग़रीब किसानों, छात्रों, युवाओं, नारियों और आदिवासियों के बीच विचार-गोष्ठियाँ आयोजित करने पर ज़ोर दिया गया.

अन्ततः शुभचिन्तकों से आर्थिक सहयोग लेने तथा उसका पारदर्शी विवरण प्रस्तुत करते रहने की व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया.

इस अभियान के लिये SOLIDARITY ( http://solidarityforchange.blogspot.in/ ) नाम से ब्लॉग बनाया गया है.
{ इस ब्लॉग में इस अभियान के लिये इस के पहले बने ब्लॉग “PRO-PEEPLE SOLIDARITY FORUM http://ppsfin.blogspot.in/2013/09/blog-post.html(PRO PEOPLE SOLIDARITY FORUM AGAINST EXPLOITATION, OPPRESSION AND COMMUNAL HATRED ppsfindia@gmail.com )” की इस बैठक से पहले हुए प्रयासों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण पोस्ट्स को डाल दिया जायेगा, ताकि एकजुटता के इस प्रयास से सम्बन्धित अतीत की सभी पोस्ट्स एक साथ यहाँ उपलब्ध हो सकें. }

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