Wednesday, 13 August 2014

एकजुटता का मंच विकसित करने हेतु प्रस्ताव – दिल्ली बैठक (9-10.8.14)



प्रिय मित्र, आप सभी से अनुरोध है कि एकजुटता का मंच विकसित करने के इस प्रस्ताव पर विचार करें और अपनी सहमति से अवगत करायें, ताकि आपके भी नाम इस सूची में जोड़े जा सकें. कृपया अपने ई-मेल ऐड्रेस तथा फेसबुक लिंक के साथ अपना टेलीफोन नम्बर भी इनबॉक्स में भेज दें, ताकि भविष्य में इस अभियान के सम्बन्ध में होने वाली प्रगति से आपको अवगत कराना आसान हो सके.

– : एकजुटता का मंच विकसित करने हेतु प्रस्ताव : –

पिछले दो दिनों (9 तथा 10 अगस्त, 2014) के लिये विभिन्न धाराओं के लगभग 36 कार्यकर्ता मुकुन्दी देवी धर्मशाला, त्रिनगर, दिल्ली में एकत्रित हुए तथा व्यापक विचार-विनिमय के पश्चात निम्न बिन्दुओं पर सहमति तक पहुँचे।

संघ-परिवार के मुखौटे मोदी के सत्तासीन होने के साथ ही देश के सामान्य जन के जीवन की परिस्थिति और भी बदतर हो चुकी है. अब लोगों को देशी और विदेशी पूँजी के सतत जारी शोषण और उत्पीड़न के साथ ही साम्प्रदायिकता के आधार पर भी बाँटने की सुनियोजित साजिश के हमलों को भी झेलना है.

यह स्थिति सभी जनपक्षधर संघटनों तथा ईमानदार कार्यकर्ताओं से उनके परस्पर मतभेदों के बावजूद भी एकजुट होने की माँग करती है. ऐसे में सभी संघर्षरत लोगों के मत एवं उनकी अवधारणाओं को समझने और विकसित करने के लिये तथा पूरी दुनिया में चल रहे जन-संघर्षों को समर्थन देने के लिये एकजुटता-मंच तैयार करने की ज़रूरत है.

विभिन्न प्रकार के शोषण और उत्पीड़न के विरुद्ध संघर्ष में समान्तर मीडिया जन-सामान्य के एक सशक्त हथियार के रूप में उभर कर सामने आया है – इस तथ्य पर विचार करने के पश्चात् प्रथम चरण के तौर पर जन-जीवन के प्रासंगिक मुद्दों से सम्बन्धित बहस को आगे बढ़ाने के लिये एक ब्लॉग बनाने पर सहमति बनी. हालाँकि विचारणीय है कि फ़ेसबुक जैसे सोशल मीडिया को साम्राज्यवादी शक्तियाँ जीवन-संघर्ष से लोगों का ध्यान बँटाने, उनकी सोच को विकृत और दिग्भ्रमित करने की मंशा से प्रोत्साहन और समर्थन देती रही हैं. इसके बावज़ूद भी लोगों ने अपने संघर्षों में इनका बखूबी इस्तेमाल किया है.

बैठक के अगले निर्णय के रूप में ज़मीनी स्तर पर मज़दूरों, ग़रीब किसानों, छात्रों, युवाओं, नारियों और आदिवासियों के बीच विचार-गोष्ठियाँ आयोजित करने पर ज़ोर दिया गया.

अन्ततः शुभचिन्तकों से आर्थिक सहयोग लेने तथा उसका पारदर्शी विवरण प्रस्तुत करते रहने की व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया.

निम्नलिखित साथियों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किया 
– 

1.प्रसाद, 2. अवधेश यादव, 3. शम्भु यादव, 4. जय भगवान्, 5. प्रेम, 6. वेद प्रकाश, 7. इन्दर जीत, 8. अमित, 9. धरमपाल, 10. कुलदीप सिंह, 11. पारिजात, 12. ज्योति भूषण, 13. ब्रिजेश कुमार, 14. प्यारेलाल भाम्बू, 15. सुरेन्दर पाल सिंह, 16. गौरव कुमार सिंह, 17. सुधीर कुमार गुप्त, 18. गजेन्द्र रावत, 19. उमा जायसवाल, 20. अरशद जमाल, 21. प्रवीण दहिया, 22. डॉ. माँ समता, 23. अवधेश कुमार सिंह, 24. भुवन, 25. रोशन लाल अग्रहरि, 26. बी. गोवर्धन, 27. जितेन्दर, 28. लक्ष्मी, 29. मयंक त्रिपाठी, 30. राजा पण्डित, 31. चन्दन, 32. जगदीश, 33. गुड्डू, 34. ओमप्रकाश सिंह, 35. अर्जुन प्रसाद सिंह, 36. गिरिजेश तिवारी,
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जो भी मित्र अपनी प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते आयोजन-स्थल तक नहीं जा सके, वे सभी इस अभियान के आरम्भ से ही साथ रहे हैं. शारीरिक तौर पर अनुपस्थित रहने पर भी उनकी सहमति से उनकी भागीदारी मानी जा रही है. और उनके नाम भी इस सूची में अलग से सम्मिलित किये जा रहे हैं.
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इस अभियान के लिये SOLIDARITY ( http://solidarityforchange.blogspot.in/ ) नाम से ब्लॉग बनाया गया है.

इस ब्लॉग में इस अभियान के लिये इस के पहले बने ब्लॉग  
–   http://ppsfin.blogspot.in/2013/09/blog-post.html (PRO PEOPLE SOLIDARITY FORUM AGAINST EXPLOITATION, OPPRESSION AND COMMUNAL HATRED ppsfindia@gmail.com ) की इस बैठक से पहले हुए प्रयासों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण पोस्ट्स को डाल दिया जायेगा, ताकि एकजुटता के इस प्रयास से सम्बन्धित अतीत की सभी पोस्ट्स एक साथ यहाँ उपलब्ध हो सकें.
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आयोजन का आय-व्यय विवरण : – 
कुल व्यय : –  9465/-
{धर्मशाला – 5150/-, भोजन – 1200/-, चाय – 490/-, नाश्ता – 200/-, कुर्सी, चादर, मेज – 400/-, गद्दा – 500/-, भटूरा-छोला – 500/-, गिलास, दोना, प्लेट, चम्मच – 240/-, सॉस, ब्रेड, नमकीन, जैम – 455/-, पानी – 240/-, ऑटो – 90/-}

कुल सहयोग : 
–  3000/-

{1. सुरेन्द्रपाल सिंह – 1000/- 2. प्यारेलाल भाम्बू – 1000/- 3. सुधीर गुप्त – 500/- 4. भूपेन्दर सिंह (एशियन टेन्ट हाउस, त्रिनगर, दिल्ली) – 500/-}

बैलेन्स : 
–  = 9465 – 3000 = - 6465/- (ऋण छ हज़ार चार सौ पैंसठ)
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